सीहोर जिले में पारिवारिक विवाद के कारण युवक ने खुद को अपने घर के कमरे में बंद कर रखा था। गांव और परिवार वालों के समझाने पर भी युवक कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पारिवारिक विवाद में युवक की पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई थी। भगवान बनकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सारा मामला जानकर मायके से पत्नी को बुलाया और समझाइस दी। इसके बाद युवक ने कमरे का दरवाजा खोला। इस तरह थाना आष्टा में आने वाली चौकी अमलाहा पुलिस की सुझबूझ, तत्परता और सक्रियता के चलते युवक की जान बच गई।






आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

सीहोर जिले में पारिवारिक विवाद के कारण युवक ने खुद को अपने घर के कमरे में बंद कर रखा था। गांव और परिवार वालों के समझाने पर भी युवक कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पारिवारिक विवाद में युवक की पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई थी। भगवान बनकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सारा मामला जानकर मायके से पत्नी को बुलाया और समझाइस दी। इसके बाद युवक ने कमरे का दरवाजा खोला। इस तरह थाना आष्टा में आने वाली चौकी अमलाहा पुलिस की सुझबूझ, तत्परता और सक्रियता के चलते युवक की जान बच गई।



आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

सीहोर जिले में पारिवारिक विवाद के कारण युवक ने खुद को अपने घर के कमरे में बंद कर रखा था। गांव और परिवार वालों के समझाने पर भी युवक कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पारिवारिक विवाद में युवक की पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई थी। भगवान बनकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सारा मामला जानकर मायके से पत्नी को बुलाया और समझाइस दी। इसके बाद युवक ने कमरे का दरवाजा खोला। इस तरह थाना आष्टा में आने वाली चौकी अमलाहा पुलिस की सुझबूझ, तत्परता और सक्रियता के चलते युवक की जान बच गई।



आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

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आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

सीहोर जिले में पारिवारिक विवाद के कारण युवक ने खुद को अपने घर के कमरे में बंद कर रखा था। गांव और परिवार वालों के समझाने पर भी युवक कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पारिवारिक विवाद में युवक की पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई थी। भगवान बनकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सारा मामला जानकर मायके से पत्नी को बुलाया और समझाइस दी। इसके बाद युवक ने कमरे का दरवाजा खोला। इस तरह थाना आष्टा में आने वाली चौकी अमलाहा पुलिस की सुझबूझ, तत्परता और सक्रियता के चलते युवक की जान बच गई।



आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

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आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

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पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

सीहोर जिले में पारिवारिक विवाद के कारण युवक ने खुद को अपने घर के कमरे में बंद कर रखा था। गांव और परिवार वालों के समझाने पर भी युवक कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पारिवारिक विवाद में युवक की पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई थी। भगवान बनकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सारा मामला जानकर मायके से पत्नी को बुलाया और समझाइस दी। इसके बाद युवक ने कमरे का दरवाजा खोला। इस तरह थाना आष्टा में आने वाली चौकी अमलाहा पुलिस की सुझबूझ, तत्परता और सक्रियता के चलते युवक की जान बच गई।



आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।

सीहोर जिले में पारिवारिक विवाद के कारण युवक ने खुद को अपने घर के कमरे में बंद कर रखा था। गांव और परिवार वालों के समझाने पर भी युवक कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पारिवारिक विवाद में युवक की पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई थी। भगवान बनकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सारा मामला जानकर मायके से पत्नी को बुलाया और समझाइस दी। इसके बाद युवक ने कमरे का दरवाजा खोला। इस तरह थाना आष्टा में आने वाली चौकी अमलाहा पुलिस की सुझबूझ, तत्परता और सक्रियता के चलते युवक की जान बच गई।



आष्टा पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया, मंगलवार को मोबाइल से आष्टा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गवाखेड़ा निवासी शिवदास बैरागी (24) पिता ओमप्रकाश बैरागी ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। गांव वाले, पड़ोसी और परिवार वालों के समझाने पर भी अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। युवक खुद के साथ कुछ गलत न कर ले, इस कारण गांव और परिवार के लोग डरे हुए थे, जिन्होंने डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 में पदस्थ आर शिवराज चन्द्रवंशी और चौकी अमलाहा प्रभारी एसआई अविनाश भोपले एवं प्रभारी आरक्षक सतवीर सिंह अपने बल के साथ युवक के घर गवाखेड़ा पहुंचे।


बंद कमरे का दरवाजा लोहे का था...
युवक ने खुद को घर के जिस कमरे में बंद करके रखा, उसका दरवाजा लोहे का था। कमरे में कृषि का सामान सहित अनाज भरा हुआ था। कमरे में प्रवेश का अन्य कोई रास्ता नहीं था। चौकी अमलाहा पुलिस युवक के साथ लगातार बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। युवक किसी भी कीमत पर दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा कानून व्यवस्था, अपराधियों की धरपकड़ सहित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सामुदायिक पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से विवादित हालात को सुलझाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में आष्टा पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पता किया कि युवक द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। तब पता चला कि युवक अपनी पत्नी सोनी बाई और दादा-दादी एवं भाई के साथ रहता है।

पत्नी चली गई थी मायके...
एक दिन पहले युवक की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ किसी कारण विवाद हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी सोनी बाई अपने मायके ग्राम सतपिपलिया थाना मंडी चली गई थी। इस कारण सुबह से ही युवक ने अपने आप को एक कमरे मे बंद कर रखा, जिस कमरे में युवक ने खुद को बंद कर रखा था उसका लोहे का दरवाजा था, जिसे पुलिस ने गांव वालों की सहायता से तोड़ने का भी भरसक प्रयास किया, लेकिन लोहे का दरवाजा होने से दरवाजा नहीं खुल रहा था।

पत्नी के आने पर दरवाजा खोलने की बात कही...
पुलिस इसी जद्दोजहद में थी कि युवक किसी तरह कमरे के बाहर सुरक्षित आ जाए और युवक खुद को किसी प्रकार की हानि न पहुंचा ले। युवक से जब इस संबंध में बात की गई और पूछा गया कि तुम्हारी पत्नी वापस आ जाएगी, तब तो कमरे का दरवाजा खोल लोगे। इस पर युवक दरवाजा खोलने के लिए राजी हुआ और कहने लगा जब तक मेरी पत्नी नहीं आती, तब तक मैं अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोलूंगा। युवक की पत्नी से मोबाइल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने तत्काल एक टीम बनाकर युवक की पत्नी को लाने के लिए सतपिपलिया रवाना किया। युवक की पत्नी गांव पर अपने घर पर थी, जिसे घटना के संबंध में बताया।

पत्नी मायके वालों के साथ वापस आई...
इस पर सोनी बाई ने युवक से फोन पर बात भी की, उसके बाद भी युवक कमरे का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। युवक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ वापस आई और अपने पति को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए कहा। तब जाकर युवक ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बाहर आया। बाहर आने के बाद युवक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि पारिवारिक कारणों और पत्नी से अत्यधिक प्रेम होने के कारण उसने ऐसा किया। पुलिस द्वारा पति-पत्नी को उचित समझाइश दी गई और युवक द्वारा भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया। पति-पत्नी को समझाइश के बाद पुलिस चौकी अमलाहा से हंसी-खुशी रुकसत किया गया। सीहोर पुलिस की सुझबुझ से एक युवक की जान बची और पारिवारिक विवाद का निपटारा हुआ।