सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मंगलवार को मौर्य सम्मान वाहिनी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने नगर स्थित ब्लॉक से मंदिर चौराहा तक सपा नेता महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य की विरोध स्वरूप प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर उनका पुतला जलाया। उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।
मौर्य सम्मान वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद मौर्य की अगुवाई में वाहिनी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डुमरियागंज स्थित ब्लॉक कार्यालय के सामने से स्वामी प्रसाद मौर्य की शव यात्रा निकाली। मंदिर चौराहे पर शव रूपी पुतला को जलाकर दहन किया गया और स्वामी प्रसाद मौर्या के विरोध में नारे लगाए। प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिका ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरित मानस पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की गई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। वह हिन्दू समाज के लिए एक कलंक की तरह हैं। उन्होंने कहा कि मौर्य समाज भगवान राम, जिनको मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है, उनके प्रति आस्था और श्रद्धा रखते हुए पूजा अर्चना करता हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संरक्षण में भगवान राम की चौपाई पर गलत टिप्पणी करके स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म पर प्रहार करने का कार्य किया है। जिससे संपूर्ण हिंदू समाज के साथ मौर्य समाज की भावना भी आहत हुई है। उन्हें गौतम बुद्ध की धरती सिद्धार्थनगर जनपद में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। साथ ही डुमरियागंज में इनकी शव यात्रा निकालकर समाज से बहिष्कृत किया जा रहा है। इस दौरान शिव कुमार मौर्य, ओम प्रकाश, सीताराम, राम उजागिर मौर्य, रामप्रकाश, शम्भू, तिरागी, चिक्कन मौर्य, साहू मौर्य आदि मौजूद रहे।

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