लखनऊ : रामचरितमानस के पन्नों की प्रतियां जलाने के मामले में पीजीआई पुलिस ने रविवार देर रात स्वामी प्रसाद मौर्य समेत 10 नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने सोमवार सुबह पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दे रही है।
महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सनातन धर्म संस्कृति और श्रीराम चरित मानस की चौपाई और रचयिता तुलसीदास पर भी सवाल उठाते हुए नारेबाजी की थी। महासभा के पदाधिकारी देवेंद्र यादव ने कहा था कि रामचरितमानस में कई चौपाइयों में जातियों के विषय में गलत बातें लिखी हैं। संविधान में संशोधन हो सकता है यह हवाला देते हुए प्रदेश सरकार से रामचरितमानस में लिखित चौपाइयों को हटाने और संशोधित करने का बयान जारी किया था। जल्द संशोधन न होने पर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही थी।
दोपहर इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जारी हो गया था। इसके बाद अखिल भारत महासभा हिंदू महासभा समेत कई अन्य संगठनों ने इसका विरोध किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। देर रात ऐशबाग के रहने वाला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला कार्य समिति के सदस्य सतनाम सिंह उर्फ लवी की तहरीर पर पीजीआइ पुलिस ने स्वामी प्रसाद मौर्य, देवेंद्र सिंह, यशपाल सिंह लोधी, सत्येंद्र कुशवाहा, महेंद्र प्रताप यादव, सुजीत यादव, नरेश सिंह, एसएस यादव, संतोष वर्मा, सलीम और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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