लखनऊ में जमींदोज हुए अलाया अपार्टमेंट के हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हजरतगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश शाहिद को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पांच टीमें बनाई गईं थी। शासन ने प्रकरण की जांच के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। आज पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के भतीजे तारिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया
गौरतलब है कि लखनऊ में हजरतगंज में वजीर हसन रोड स्थित पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे ढह गया था। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल और पुलिस के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए थे। देर रात तक टीमों ने 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया था। गौरतलब है कि अलाया अपार्टमेंट बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था, ताकि कम खर्च में मोटी कमाई हो सके। इसके अलावा मंगलवार शाम धमाके के साथ यह अवैध इमारत ढही थी। पुलिस की शुरुआती जांच में ये दो अहम तथ्य सामने आए हैं। एफआईआर में इन्हें स्पष्ट लिखा गया है। हजरतगंज थाने के सब इंस्पेक्टर दयाशंकर द्विवेदी की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मंगलवार शाम 6:45 बजे पुलिस को इमारत गिरने की सूचना मिली। जांच में सामने आया कि जोरदार धमाके के बाद अपार्टमेंट भरभराकर ढह गया। निर्माण कराने वाले नवाजिश, तारिक व फाहद यजदानी पर केस दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक, जानबूझकर घटिया निर्माण कराकर फ्लैट खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी की गई। लोगों के आपत्ति जताने के बावजूद खतरनाक ढंग से पार्किंग में ड्रिल मशीनों से खोदाई की गई।
एफआईआर में कई अहम तथ्य हैं। पूरी इमारत की बुनियाद कमजोर थी। पिलर मानक के विपरीत थे। कुछ टेढ़े भी हो गए थे। इसके बावजूद गहरी खोदाई की गई, जिससे हादसा हुआ। एफआईआर में लिखा गया कि आरोपियों के कृत्य से जान-माल और संपत्ति का नुकसान हुआ। आसपास के लोगों में भय व्याप्त हुआ। विरोध करने वालों से मारपीट भी की थी। लोग दहशत में हैं, इसलिए मारपीट व सेवन सीएलए की धारा भी लगाई गई।
कमजोर बुनियाद पर खड़ा था अलाया अपार्टमेंट
अवैध अलाया अपार्टमेंट कमजोर बुनियाद पर खड़ा था। शासन को मिले इनपुट के अनुसार इसके निर्माण में इस्तेमाल सरिया की मोटाई मानक अनुरूप नहीं थी। आरसीसी की क्वालिटी भी बेहद खराब मिली है। इस कारण वर्ष 2010 में अपार्टमेंट को ध्वस्त करने के आदेश दे दिए गए थे, हालांकि भ्रष्टाचार के खेल के चलते इस पर अमल नहीं किया गया। अब यह देखा जाएगा कि इसमें किन अधिकारियों की मिलीभगत रही है। शासन के अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण में अगली कोई भी कार्रवाई मंडलायुक्त की कमेटी की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकती है।
प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण का कहना है कि मामले में रिपोर्ट मिलने पर समुचित कार्रवाई होगी। कहा कि होटल लेवाना अग्निकांड मामले में भी जितने कार्मिक दोषी मिले, उन सभी को चार्जशीट दी जा चुकी है।

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