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स्थापना दिवसः खट्टी-मीठी यादों के साथ 34 बरस की हो गई सुहागनगरी,

 उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद जिला आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। पांच फरवरी को इसे जिले के रूप में पहचान मिली थी। आज यह जिला अपने 34 बरस की यात्रा पूर्ण कर लेगा। कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों के लिए विश्व विख्यात सुहागनगरी रविवार पांच फरवरी को 34 बरस की हो जाएगी। इन वर्षों में इसे बहुत सी उलब्धियां मिलीं और बहुत सी मिलनी अभी शेष हैं।

बीते 34 सालों में दो-दो हाईवे व आलीशान मुख्यालय भवन, पांच तहसीलों के साथ, अफसरों की लंबी फौज, फिरोजाबाद नगर को निगम का दर्जा, सिरसागंज के रूप में नई तहसील, 64 नई पंचायतें मिलीं। लेकिन आज भी सिटी बसों के संचालन, ट्रांसपोर्टनगर की स्थापना, कांच श्रमिकों को कालोनी, फिरोजाबाद में डिपो की स्थापना, प्रमुख ट्रेनों का ठहराव एवं स्टेशन को ए श्रेणी के दर्जे की जरूरत है 

पांच फरवरी 1989 को बना था जिला

आगरा जिले की तहसील के रूप में पहचान रखने वाला फिरोजाबाद पांच फरवरी 1989 को जिला बना था। मैनपुरी की शिकोहाबाद एवं जसराना तहसील को शामिल कर पूर्व मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी ने टीवी वार्ड के मैदान में जिला बनाने की घोषणा की थी। बीते 34 वर्ष में जिले में कई अफसर बदल गए। 

जिले के गठन होने के सात वर्ष बाद 1996 में आलीशान जिला मुख्यालय भवन मिला। एपीएम गैस मिल जाने से कांच उद्योग में नई चमक आई। इससे विदेशों में कांच की पहुंच बढ़ सकी। निर्यात कारोबार बढ़ा। 1998 में जनपद न्यायालय का विशाल काय भवन मिला। 2008 में लोकसभा एवं विधानसभाओं को नया परिसीमन होने के कारण पांच विधानसभाएं एवं लोकसभा क्षेत्र मिल गया।

2014-15 में मिलीं कई बड़ी सौगातें

वर्ष 2014 में फिरोजाबाद नगर की सवा छह लाख आबादी हो गई। इसके बाद इसे नगर निगम का दर्जा मिल गया। अपराध पर अंकुश लगाने को जिले को दो-दो एएसपी, जिला में तीन-तीन आईएएस अफसरों की तैनाती हुई। 2014 में ही आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे मिला। 2015 में जिले को सिरसागंज के रूप में नई तहसील मिली। ग्राम पंचायतों के परिसीमन होने के कारण जिले को 64 नई पंचायतें मिल गई। 

पांच वार्डों का इजाफा हुआ

इसके साथ ही एका, मक्खनपुर नई नगर पंचायतें बनीं। वहीं जिला पंचायत के पांच वार्डों का इजाफा हुआ। जसराना क्षेत्र में पहले ग्राम न्यायालय की स्थापना हुई। शहर में दो रेलवे ओवर ब्रिज,भव्य आयकर भवन,मेडिकल कालेज की हुई। जेड़ाझाल नहर बनने से सिंचाई की सुविधा वहीं शहर को मीठा पानी मिला। चंद्रवार गेट जाने वाले रास्ते का चौड़ीकरण हुआ। 

रिपोर्ट संवाददाता अनिल कुमार

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