बरेली के हाफिजगंज थाना इलाके में एक युवती की सिर में धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई। उसके बांये हाथ की अंगुलियां भी कटी हुईं हैं। सोमवार सुबह उसका शव सड़क के किनारे भरे पानी में उतराता मिला। सूचना पर पुलिस और परिजन पहुंच गए। हाफिजगंज पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। फुफेरी बहन ने किराना व्यापारी व उसकी पत्नी पर कार से अगवा कर हत्या का आरोप लगाया। एसपी उत्तरी के समझाने पर परिजन शांत हुए, तब जाकर तीन घंटे बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
नवाबगंज के गांव सरदार नगर निवासी लक्ष्मी (22) वर्ष पुत्री धर्मपाल अपनी फुफेरी बहन सपना के साथ रविवार शाम स्कूटी से बरेली के मॉल में शॉपिंग करने गई थी। रात सात बजे दोनों स्कूटी से घर आ रही थीं। सपना के मुताबिक हाफिजगंज क्षेत्र में पीलीभीत हाईवे पर उनकी स्कूटी के पास एक कार रुकी। कार में नवाबगंज के किराना व्यापारी मोनू गुप्ता व उसकी पत्नी बैठे थे
दरअसल जब पुलिस को यह पता लगा कि पति-पत्नी दोनों कार में मौजूद थे तो माना गया कि कोई घटना नहीं होगी। इसी भरोसे में पुलिस ने लक्ष्मी की तलाश का कोई सार्थक प्रयास ही नहीं किया। इसलिए फुफेरी बहन चीख चीखकर थाना प्रभारी और हल्का पुलिस पर आरोप लगा रही थी। कह रही थी कि किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और उसकी बहन की जान चली गई।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तो मृतका के परिजन नवाबगंज पहुंच गए। वहां उन्होंने आरोपी मोनू गुप्ता के घर के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की। सूचना मिलते ही कोतवाल राजकुमार शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने यहां से उन्हें समझाकर भेज दिया।
घटना के बाद एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने थाने पर ही कैंप कर लिया है। उन्होंने पुलिस के साथ एसओजी व सर्विलांस टीम को भी घटना की पड़ताल में लगाया। सूत्रों के मुताबिक शाम को मोनू गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया जिसने कुछ चौंकाने वाली जानकारियां दी हैं। एसपी उत्तरी ने बताया कि हत्या की सही वजह जानने के लिए धरपकड़ और पूछताछ की जा रही है, जल्दी ही सच्चाई सामने आ जाएगी। असली आरोपी जेल भेजे जाएंगे।

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