राजधानी 'लखनऊ' में मुख्यमंत्री 'योगी आदित्यनाथ' ने आज अपने सरकारी आवास पर 'गो संरक्षण' को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक शाम करीब 5 बजे शुरू हुई, जिसमें पशुधन मंत्री 'धर्मपाल सिंह', कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (पशुधन विभाग) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा 'गौ सेवा आयोग' के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
बैठक में गो संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, गौशालाओं की व्यवस्थाओं, गौवंश संरक्षण केंद्रों की स्थिति, अवैध गौ तस्करी पर अंकुश लगाने के उपायों और संबंधित नीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में गो संरक्षण को और मजबूत बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश और कार्ययोजना पर फोकस किया गया।
मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में बीती रात एक ट्रक से कुचलकर बाबा की मौत हो गई थी। उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि गो तस्करों ने उन्हें कुचलकर हत्या की, जबकि पुलिस इसे सड़क हादसा बता रही है
बाबा की मौत के बाद मथुरा में भारी आक्रोश फैल गया। लोग दिल्ली-आगरा हाईवे पर उतर आए, जाम लगाया, प्रदर्शन किए और कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं। स्थिति को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मौत को हत्या बताकर ईद के दिन सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश रची गई थी, लेकिन जांच में इसे हादसा माना जा रहा है।
सीएम योगी ने मथुरा घटना पर पहले ही संज्ञान लिया था और अधिकारियों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आज की बैठक को मथुरा की घटना के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां गो संरक्षण व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा सकता है।

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