कानपुर में नयागंज के सराफा कारोबारी से 26 लाख रुपये से ज्यादा की टप्पेबाजी करने के आरोपी को लुधियाना पुलिस ने कानपुर पुलिस को नहीं सौंपा। लुधियाना पुलिस ने स्थानीय व्यापारी के साथ हुई टप्पेबाजी की कोशिश का केस दर्ज कर आरोपी अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, दावा किया कि उसके साथ राजस्थान के बीकानेर निवासी कन्हैया और सूरत के नक्सत्रा दिनदोली निवासी राम निवास शर्मा के साथ मिलकर उनके व्यापारी से 35 लाख रुपये की ठगी की साजिश रची थी।हालांकि कारोबारी की सतर्कता से ठगी हो नहीं सकी। डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम ने बताया कि पकड़े गए आरोपी अशोक ने ही नकली नोट थमाकर सराफा कारोबारी के कर्मचारी से 26 लाख के सोने के आभूषण लिए और फरार हो गया था। कानपुर पुलिस के साथ लुधियाना गए सराफा कारोबारी के कर्मचारियों ने पहचान भी कर ली थी। इसकी जानकारी लुधियाना पुलिस को भी दी गई थी।
वापस बुला लिया गया है।सेना के जवानों से दोस्ती कर ठगी करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आजमगढ़ जीआरपी और वाराणसी पुलिस ने हरबंश मोहाल पुलिस से संपर्क साधा है। दोनों जगह की पुलिस का दावा है कि उनके क्षेत्र में भी टप्पेबाज ने दो फौजियों को शिकार बनाया था। कानपुर पुलिस ने दोनों थानों की पुलिस को आरोपी का फोटो भेजा है। माना जा रहा है कि जल्द जीआरपी और वाराणसी जिले की पुलिस टप्पेबाज से पूछताछ करने शहर आ सकती है।
हरबंश मोहाल पुलिस ने रविवार तड़के मुरे कंपनी पुल के पास से मिर्जापुर निवासी टप्पेबाज सुनील दुबे उर्फ लल्लू को गिरफ्तार किया था। सुनील ट्रेन में यात्रा कर रहे फौजियों को बातों में उलझाकर दोस्ती करता और मौका पाकर उनका माल लूटकर भाग जाता था। फौजियों की शिकायत पर कानपुर पुलिस दो मामलों में उसकी तलाश कर रही थी। 12 राज्यों तक उसका पीछा करने के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे कानपुर से ही गिरफ्तार कर लिया।
बता दें, तीन महीने पहले ट्रेन से यात्रा कर रहे पटना निवासी सीआरपीएफ विकास के साथ टप्पेबाजी के बाद सुनील ने फौजी के एटीएम से वाराणसी की एक आभूषण की दुकान से जेवर खरीदे थे। इस दौरान वह दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। इसी तरह जीआरपी आजमगढ़ ने भी अपने यहां दर्ज एक ऐसे ही मामले में आरोपी की शिनाख्त के लिए वीडियो, फोटो कानपुर पुलिस से मांगा है।

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